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देश के प्रमुख लालमिर्च उत्पादन क्षेत्र में कमी

गुंटूर : व्यापारिक सूत्रो के अनुसार लालमिर्च उत्पादन का महासमुद्र दक्षिण भारत के उत्पादन में कमी की आपुर्ती अन्य उत्पादक क्षेत्र नही कर सकते। शनिवार को कृष्णा, गुंटूर, पलनाड और मछलीपटनम तक आस-पास लाईन में लगभग अच्छी वर्षा हुई है एवं रोपाई कार्य प्रारंभ हो गया है, लेकिन आगामी उत्पादन मौसम पर आधारित रहेगा, इसके अतिरीक्त अच्छे माल का स्टॉक बहुत कम बचा हुआ है एवं प्रकाशम, कर्नल लाईन में वर्षा की भारी कमी से पूर्व रोपाई मे खडी फसल को किट लगने से अनुमान हैकि आगामी उत्पादन में निश्चीत कमी आ सकती है। वर्तमान मे केवल मुनाफा वसूली के लिए हल्के मालो की बिक्री करने से मूल्यो में तेजी नही आ रही है और देश के मसाला व्यापारियो की नजर मध्य प्रदेश सहित आस-पास के राज्यो में अधिक बुवाई से नये माल पर है, जिससे तीनो ही राज्यो का सीजन जल्दी समाप्त हो जाएगा। वर्तमान में केवल महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात में फसल की स्थिती अच्छी है एवं कुल उत्पादन अनुमान मौसम पर आधारित रहेगा, लेकिन उत्पादन के वृद्धि से लाल मिर्च का महा समुद्र दक्षिण भारत के कमी की आपुर्ती नही हो सकती। पिछले सप्ताह खम्मम शीतगृहो से लगभग 48 हजार बोरी की ब्रिक्री से शनिवार तक स्टॉक घटकर केवल 10 लाख 42 हजार 320 बोरी का रहा। पिछले एक सप्ताह में गुंटूर शीतगृहों से 1 लाख 50 हजार बोरी और आस-पास लाईन के शीतगृहों 50 हजार बोरी सहित 2 लाख बोरी की आवक में 1 लाख 20 बोरी की बिक्री में तेजा किस्मों की मांग कमजोर रही, जबकि आरमुर, शार्क-शार्प, रोमी जैसे किस्मों में 500 रुपये की वृद्धि हुई, लेकिन अन्य किस्मों के मूल्य स्थिर

Updated On: September 15, 2026, 1:43 pm
कमजोर मांग से जीरा स्थिर

ऊंझा : देश के किराणा बारो की कमजोर मांग एवं वायदा मूल्यो मे कमी से मूल्य घटकर स्थिर हो गये है, लेकिन बाहरी राज्यो में स्टॉकिस्टो की खरीदी जारी है, लेकिन उत्पादक क्षेत्र के स्टॉकिस्टो की आगामी मौसम पर नजर रखे हुए है। पिछले सप्ताह एनसीडीईएक्स सोमवार को जीरा सितंबर वायदा सोमवार को 21,500 रुपये खुलने के बाद शुक्रवार तक 550 रुपये घटकर 20,950 रुपये एवम् अक्टूबर वायदा सोमवार को 22,020 रुपये खुलने के बाद शुक्रवार तक 470 रुपये घटकर 21,550 रुपये पर बंद हुआ। गुजरात के ऊँझा मंडी में पिछले एक सप्ताह के दौरान लगभग 55 से 58 हजार बोरी जीरा की आवक पर 18,250-22,250, राजकोट, जामनगर, गोंडल सहित अन्य लाईनों में मिलाकर साप्ताहिक लगभग 9 से 10 हजार बोरी की आवक पर एवरेज 18,000-19,250, मीडियम 19,250-19,750, बढ़िया 19750-20,125, युरोप कालिटी 20,125-20,375 रुपये और किराणा 20,375-20,625 लोकल लूज तथा पुराना माल 18500-19,625 रुपये तथा गुजरात के जामजोधपुर 18, 250-20,000 रुपये, राजस्थान में साप्ताहिक 12-15 हजार बोरी जीरा की आवक पर 17,500-23,500 रुपये के मूल्य पर लोकल लूज व्यापार हुआ।

Updated On: September 15, 2026, 1:34 pm
श्रीलंका से कालमिर्च आयात बढ़ने का अनुमान

कोच्चि : व्यापारिक सूत्रो के अनुसार देश मे अलनीनो के प्रभाव से वर्षा की कमी और बढ़ती गर्मी के साथ आगामी दिनों शितकालीन सीजन में ठंढ़ कम रहने का अनुमान है, ऐसी स्थिती मे कालीमिर्च, लवंग, जायफल, जावित्री जैसे गर्म जिसों की घरेलू खपत में कमी आ सकती है और वर्तमान मे उत्पादक राज्यों मे किसानों के पास कालीमिर्च का स्टॉक है एवं नये फसल की कटाई होने वाली है। ग्वाटेमाला में इलायची फसल कमजोर होने के कारण इलायची के बढते मूल्यों के से इदुक्की के किसान कालीमिर्च के बजाय इलायची स्टॉक पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। व्यापारिक सूत्रों के अनुसार श्रीलंका के रुपये में उतार-चढाव और ग्राहकी निकलने से मूल्यों में मजबूती को बल मिला है, ऐसी स्थिती में श्रीलंका से आयात बढ़ सकता है और देश मे सितंबर से दिसंबर तक बढ़ती मांग को देखते हुए खपत वाले राज्यो मे व्यापारियों नें पूर्व में खरीदी कर लिया है। पिछले सप्ताह गुरुवार को लगभग 50 टन की आवक हुई, जिसमें अधिकांशतः श्रीलंका का माल रहने से भारतीय घरेलू बाजार में कालीमिर्च अनगारबल्ड 704 रुपये तथा गारबल्ड 724 रुपये प्रति किलो के मूल्य पर व्यापार हुआ। भारतीय कालीमिर्च और मसाला व्यापार संघ (इप्सता) के अनुसार तमिलनाडु, कर्नाटक और इदुक्की सहित कई प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में वर्षा की कमी जैसे प्रतिकूल मौसम के कारण वर्ष, 2026 कटाई सीजन के दौरान कालीमिर्च का उत्पादन 65000- 75000 टन होने का अनुमान किया गया है, लेकिन वास्तव में अल नीनों के प्रभाव के कारण उत्पादन कम हो सकता है, लेकिन श्रीलंका में बंपर उत्पादन और भारत- श्री लंका मुफ्त व्यापार संधि के कारण आयात शुल्क नही रहने से भारतीय आयातक प्रति वर्ष के अनुसार खरीदी के लिये सामने आ रहे है और वियतनाम कालीमिर्च का मूल्य 6000 डालर और ब्राजील का लगभग 5800 डालर प्रति टन ऑफर किया जा रहा है।

Updated On: September 15, 2026, 1:32 pm
कमजोर माल की बिक्री से धनिया में गिरावट

हैदराबाद : जानकार सूत्रो के अनुसार पिछले दो- तीन वर्षो पुराना स्टॉक माल बिक्री के साथ आयातित क्वालिटी कमजोर रहने से छोटे मसाला काखानेदार को खरीदी के साथ वायदा मूल्यो में कमी से मूल्यो मे गिरावट हुई लेकिन कलर वाले माल के लिए राजस्थान और गुजरात के बड़े व्यापारियो की बिक्री नही निकल रही है, जिससे अनुमान हैकि दीपावली के आस-पास मूल्यो मे सुधार हो सकता है, क्योंकि स्टॉक अधिक नही है और नये सीजन के लिए लगभग 4 महिनों का समय बाकी है एवं बुवाई मौसम पर आधारित रहेगी। पिछले सप्ताह एनसीडीईएक्स सोमवार को धनिया का अक्टूबर वायदा सोमवार को 15,602 रुपये खुलने के बाद शुक्रवार तक 640 रुपये घटकर 14,962 रुपये एवम् दिसंबर वायदा 15,990 रुपये खुलने के बाद शुक्रवार तक 570 घटकर 15,420 रुपये पर बंद हुआ। राजस्थान के रामगंजमंडी, बारन, कोटा में साप्ताहिक 18 से 20 हजार बोरी की आवक पर बारन में बादामी 14,400, स्कूटर 14,500-14,900, कलर वाला 15,200-16,700 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। हजार बोरी की आवक पर बादामी मध्य प्रदेश के नीमच में 5 से 6 कलर वाला 16,500-17,000 रुपये 14,400-14,600, ईगल 14,800-15,000, स्कूटर 15,500-16,000, और कुंभराज में 2500 से 2600 बोरी, गुना में 14 से 15 हजार बोरी की आवक पर बादामी 13,600-14,000, ईगल 14,100-14,600, स्कूटर 15,200, कलर वाला 15,300-16,800 रुपये एवम् गुजरात के गोंडल में 4 से 5 हजार, जूनागढ़, जामनगर में 2 से 3 हजार बोरी की आवक पर बादामी 14,600-14,800, ईगल 14, 900-15,100, ईगल प्लस 15,100-15,300, स्कूटर 11500-15800, के मूल्य पर व्यापार हुआ।

Updated On: September 15, 2026, 1:30 pm
हल्दी में ग्राहकी वायदा में तेजी

ईरोड : महाराष्ट्र कर्नाटक मे वर्षा की कमी और स्टॉकिस्टो की कमजोर बिक्री के साथ पिसाई वालो की मांग से हाजीर सहित वायदा मूल्यो में वृद्धि हुई। पिछले सप्ताह सोमवार को एनसीडीईएक्स पर हल्दी का एडवांस में वायदा विक्रेता ओ की खरीदी से अक्टूबर वायदा 20,450 रुपये खुलने के बाद शुक्रवार तक 760 रुपये बढ़कर 21,210 रुपये एवम् दिसंबर वायदा 21,002 रुपये खुलने के बाद 156 रुपये बढ़कर 21,158 रुपये पर बंद हुआ तथा अनुमान हैकि अक्टूबर वायदा समाप्त के पूर्व या बाद दिसंबर वायदा में तेजी आने की संभावना रहेगी। बसमतनगर में पिछले सप्ताह 18 से 20 हजार बोरी की बिक्री पर काड़ी 16,000-17,000, गड्डा 15,500-16, 000 रुपये, नांदेड में 3 से 4 हजार बोरी हिंगोली में 22 से 25 हजार बोरी की आवक पर काड़ी 16000-17,000, गट्ठा 16,000-16,200 रुपये तथा सांगली में 12 से हजार बोरी की बिक्री पर राजापूरी बेस्ट 19,000-20,000, गट्ठा 17,000-18,500 रूपये के मूल्य पर क्वालिटी के अनुसार व्यापार हुआ। पिछले सप्ताह निजामाबाद में 3 से 4 हजार बोरी की आवक पर काड़ी 15,000-15,500, गट्ठा 14,000-18,000 रूपये और विकराबाद में काड़ी - गट्ठा 8521-12,255, वरंगल में काड़ी 14,129-14,885, गट्ठा 14,885-15,278 रुपये एवं केसमुद्रम में काड़ी 9119-12,221, गट्ठा 11,001-11,011 रूपये तथा दुग्गिराला में काड़ी - गट्ठा 14,460-15,000 रुपये एवम् बहरामपुर में पालिश 14,300, अनपॉलिश 13,500 रुपये प्रति क्विंटल के मूल्य पर क्वालिटी के अनुसार लोकल लूज और निजामाबाद काडी मोटर बिल्टी 18300-18500 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। गट्ठा 10,399-16,311 और पेरुंदुरै में लगभग 1000 से 1500 बोरी की आवक पर काड़ी 11,569-17,849, गट्ठा 11,199-16,455, सेलम 2000-2500 बोरी की आवक पर काड़ी 15,688 -19,239, गट्ठा 16,500-17,199 के मूल्य पर व्यापार हुआ

Updated On: September 15, 2026, 1:27 pm
नये मेथी की आवक मे वृद्धि

नये मेथी की आवक मे वृद्धि जावरा : जानकार सूत्रो के अनुसार गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश में होली त्यौंहार के बाद फसल कटाई का काम तेजी से प्रारंभ हुआ है, लेकिन मूल्य कम रहने से माल की बिक्री धीमी गति से कर रहे है, इसके बावजूद तीनों राज्यो में मिलाकर एक सप्ताह में अनुमानित 45 हजार बोरी से अधिक आवक हुई और किराणा व्यापारियो की खरीदी प्रारंभ हो गई है, लेकिन 15 अप्रैल से आवक अधिक होने की संभावना रहेगी। व्यापारिक सूत्रों के अनुसार नीमच में पिछले सप्ताह 6 से 7 हजार, जावरा में 14 से 15 हजार, मंदसोर में 6 से 7 हजार बोरी एवम् गुजरात में 8 से 10 हजार और राजस्थान में 2 से 3 हजार बोरी की आवक पर नमी वाला 4100-4300, मीडियम 5000-5200, बढ़िया माल 6000-6200, मोटा दाना 6800-7200 रुपये तथा पुराना माल 4800-6200 रुपये एवं जावरा में नया बढ़िया फाफड़ा किस्म 9000-9500, मीडियम 8000-8500 रुपये और राजकोट में एवरेज 4400-5100, मीडियम बेस्ट 5150-5500, बढ़िया माल 5600-6100 रुपये एवं राजस्थान के रामगंजमंडी, कोटा, नोखा लाईनों में नमी वाला माल 4200-4500, सूखा माल 4800-5200 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ।

Updated On: March 25, 2025, 6:32 am
वियतनाम कालीमिर्च में मजबूती

वियतनाम कालीमिर्च में मजबूती हनोई : अंतर्राष्ट्रीय कालीमिर्च संगठन (आईपीसी) के अनुसार इंडोनेशियाई कालीमिर्च के मूल्यों में मामूली गिरावट होकर लैमपंग कालीमिर्च का मूल्य 14 डालर घटकर 7251 डालर और मुंटोक सफेद कालीमिर्च का मूल्य 18 डालर घटकर 10010 डालर प्रति टन हो गया, जबकी मलेशिया की कालीमिर्च का मूल्य स्थिर होकर 9000 डालर और सफेद कालीमिर्च 11600 डालर प्रति टन ऑफर किया गया है, लेकिन ब्राजील में कालीमिर्च का मूल्य 200 डालर बढकर 6700 डालर प्रति टन हो गया है, जिसके मुकाबले वियतनाम कालीमिर्च का निर्यात मूल्य 6500 डालर और सफेद कालीमिर्च का 9550 डालर प्रति टन पर व्यापार हो रहा है। वियतनाम के गिया लाई प्रांत में 4500 वीएनडी बढकर 162,500 वीएनडी (6.36 डालर) और बाय-रिया वुंग तौ और डकनोंग प्रांत में 3000 वीएनडी बढकर 1,61,000 (6.30 डालर) और 16300 (6.34 डालर) प्रति किलो हो गया। वियतनाम कालीमिर्च और मसाला संघ की रिपोर्ट के अनुसार लुनर नव वर्ष के बाद चीन और अमेरिका की मांग बढ़ने से वियतनाम के घरेलू कालीमिर्च का मूल्य 3000 - 4500 वीएनडी (वियतनामी डांग) (0.12-0.18 डालर) बढकर 164000 वीएनडी (6.41 डालर ) प्रति किलो हो गया। विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और चीन जैसे प्रमुख बाजारों के लिये मांग में 10-15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है,लेकिन वियतनाम के कस्टम विभाग के आंकड़ा के अनुसार 1-15 जनवरी के दौरान वियतनाम ने 7313 टन कालीमिर्च निर्यात किया, जो एक वर्ष पूर्व के इसी समान अवधि के मुकाबले मात्रा के आधार पर 3 प्रतिशत कम हुआ है। निर्यातकों की रिपोर्ट के अनुसार चीन के लिये वियतनामी कालीमिर्च की मांग बढ रही है, विशेषकर प्रोसेसिंग करके भारत को दुबारा निर्यात करने वाले खरीदी दारो की खरीदी हो रही हैं तथा अमेरिका और यूरोपीय संघ के लिये अच्छी मांग है, जिससे वियतनामी घरेलू मूल्यों को समर्थन मिल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार कुछ भागों में कम उत्पादन और वैश्विक स्तर पर मांग स्थिर रहने से वर्ष, 2025 में कालीमिर्च का मूल्य सामान्य रहने का अनुमान है।

Updated On: February 17, 2025, 7:30 am