हैदराबाद : व्यापारिक सूत्रों के अनुसार देश के प्रमुख उत्पादक राज्योंं की मंडियों में सीजन प्रारंभ से एक तरफा तेजी के कारण किसान माल जल्दी तैयार कर रहे है और अनुमान है कि आगामी सप्ताह से खम्मम, वरंगल, गुंटूर मंडियों में आवक बढ़ सकती है, लेकिन पिसाई कारखानेदारों की अभी तक अधिक खरीदी नहीं होने से खरीददार और स्टॉकिस्टों की खरीदी बढ़ सकती है। महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात, जैसे उत्पादक राज्यों की मंडियों में पिसाई कारखानेदारों की मांग से आवक का पूरा माल बिक्री हो रहा है। इस वर्ष आंध्र में सीड़ किस्मों के मूल्यों में भारी वृद्धि हुई है, जिसके मुकाबले तेजा लालमिर्च के मूल्योंं में अधिक वृद्धि नहीं हुई और अनुमान है कि आगामी सप्ताह से बाहरी राज्यों के व्यापारियों की तेजा लालमिर्च खरीदी बढ़ सकती है। दक्षिण भारत, महाराष्ट्र, गुजरात की सभी मंडियों में मिलाकर अब-तक कुल आवक पिछले वर्ष के इसी समान अवधि के मुकाबले 60 प्रतिशत से अधिक नहीं हुई है और उत्पादन में कमी से सीजन प्रारंभ से ही सीड़ किस्मों के मूल्यों में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। खम्मम, वरंगल मंडियाँ 29 जनवरी से 1 फरवरी तक मेडारम् (सम्मक्का - सारलम्मा) यात्रा के पावन पर्व के लिये बंद रही, जिससे सोमवार को दोनों ही मंडियों में आवक बढ़ सकती है। आंध्रप्रदेश के गुंटूर मंडी में कर्नूल, एम्मिगनूर, प्रकाशम तथा महबूबनगर, गदवाल और भद्राद्री, कोत्तगुड़ेम लाईन से पिछले एक सप्ताह में 1 लाख 90 हजार बोरी नये लालमिर्च की आवक पर 1 लाख 80 हजार बोरी की बिक्री हुई, जिसमें तेजा, 341, कुबेरा, 273 किस्म, 334, सुपर-10, रोमी, शार्क-स्पार्क किस्में में 500 रुपये, 355 ब्याडगी, डीडी में 1500 रुपये तथा 5531 सिंजेंटा ब्याडगी में 2000 रुपये की वृद्धि हुई, जबकि पीली मिर्च के मूल्यों में 4000 रुपये की गिरावट हुई, बाकी अन्य किस्मों के मूल्य स्थिर रहने से क्वालिटी के अनुसार व्यापार हुआ। गुंटूर शीतगृहों से पिछले सप्ताह मंगलवार से शुक्रवार तक लगभग 2 लाख बोरी की आवक में 1 लाख 60 हजार बोरी की बिक्री हुई, जिसमें 355 ब्याडगी, 2043 किस्म में 2000 रुपये, सिंजेंटा ब्याडगी, नंबर - 5, क्लासिक में 1000 रुपये, आरमुर किस्म में 500 रुपये की वृद्धि हुई, बाकी अन्य किस्मों के मूल्य स्थिर रहने से क्वालिटी के अनुसार व्यापार हुआ। आंध्र प्रदेश के गुन्टूर में नई तेजा 16,000-18,000, डीलक्स 18,200-18,500 रुपये, सुपीरियर 19,000 रुपये, 355 ब्याडगी 18,000-22,000 रुपये, डीलक्स 22,500-23,000, सिंजेंटा ब्याडगी 5531 किस्म 18,000-23,000 रुपये, डीलक्स 23,500-24,000, डीडी 24,000-26,000, सुपीरियर 26,500 रुपये, 341 किस्म 23,000-25,000 रुपये, डीलक्स 25,500, बीसीएम 21,000-24,000, पाला किस्म 21,000-23,000 रुपये, नं-5 किस्म 21,000-24,000 रुपये, डीलक्स 24,500-25,000 रुपये, 273 कुबेरा 18,000-21,000 रुपये, 334, सुपर-10 किस्म 19,000-22,000 रुपये, सुपीरियर 22,500 रुपये, आरमुर 16,000-17,500, सुपीरियर 18,000 रुपये, रोमी 16,000-18,000, शार्क-शार्प, क्लासिक 16,000-17,500, बंगारम 19,000-22,000 रुपये, बुलेट 19,000-22,000, डीलक्स 22,500-23,000, पीली मिर्च 35,000-41,000, तेजा फटकी 11,000-13,500, फटकी 9000-11,000, सीड़ फटकी 12,000-16,000 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। गुन्टूर शीतगृहों की तेजा 16,000-18,000, अधिकतर 16,000-17,500 रुपये, 355 ब्याडगी 18,000-24,000, सुपीरियर 24,500-25,000, सिंजेंटा ब्याडगी 18,000-22,000, डीडी किस्म 20,000-22,000 रुपये, 2043 ब्याडगी 25,000-31,000 रुपये, नं-5 किस्म 19,000-23,000 रुपये, सुपीरियर 23,500-24,000 रुपये, 341 किस्म 19,000-22,000, सुपीरियर 22,500-23,000 रुपये, 334, सुपर-10 किस्म 18,000-22,000, डीलक्स 22,500, आरमुर 16,000-17,000, डीलक्स 17,500, बंगारम 19,000-22,500 रुपये, रोमी 16,500-18,000, क्लासिक 17,000-18,500, तेजा फटकी 10,500-12,000, साधारण फटकी 8000-11,000 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। आंध्र के नड़िकुड़ी लाईन के शीतगृहों में अब-तक 20 से 25 हजार बोरी लालमिर्च की स्टॉक हुई, जिसमें पिछले सप्ताह रविवार के दिन 700 से 1000 बोरी नये लालमिर्च की आवक पर तेजा 18,500 रुपये, 2043 किस्म 33,000, सुपर-10 किस्म 22,000 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। तेलंगाना के खम्मम शीतगृहों में अब तक लगभग 7 लाख 48 हजार 300 बोरी लालमिर्च स्टॉक है। खम्मम मंडी में मंगलवार और बुधवार मिलाकर 30 से 35 हजार बोरी नये माल की आवक पर नई तेजा 19000, मीडियम 17,000-18,000, बढ़िया तेजा फटकी 9000 रुपये तथा 5 हजार बोरी शीतगृहों के माल की बिक्री पर एसी तेजा 18,500 रुपयेे के मूल्य पर व्यापार हुआ। वरंगल में मंडी में पिछले सप्ताह मंगलवार को 5 हजार बोरी नये लालमिर्च की आवक पर बढिया तेजा 18,500-19,000 रुपये, मीडियम 14,000 रुपये, 341 किस्म 25,000-26,000, मीडियम 22,000, वंडरहॉट 25,000-31,000 रुपये, पीली मिर्च 39,000 रुपये तथा 7 से 8 हजार बोरी शीतगृहों के माल की बिक्री पर बढ़िया तेजा 17,000-17,500 किस्म, मीडियम 14,000 किस्म, बढ़िया 341 किस्म 20,000-21,000, मीडियम 17,000, बढ़िया वंडरहाट 28,000-29,000, मीडियम 17,000, बढ़िया दीपिका 25,000-26,000, मीडियम 22,000, बढिया टमाटा 17,000-38,000 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। हैदराबाद में 25 से 30 हजार की आवक पर नया तेजा 16,000-19,000, सुपर-10 किस्म 17,000- ,आरमुर 16,000-17,000 रुपये, 273 किस्म,सी-5, डीडी किस्म 18,000-24,000, सिंजेंटा ब्याडगी 19,000-25,000, बढिया 341 किस्म 20,000-26,000 रुपये, 2043 किस्म 30,000-35,000, बढिया 40,000 रुपये, केडीएल 40,000-41,000 रुपये, तेजा फटकी 10,000-12,000 रुपये, फटकी 8000-11,000 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। कर्नाटक के ब्याडगी में पिछले सप्ताह मंगलवार तथा गुरुवार मिलाकर लगभग 80 से 85 हजार बोरी नये लालमिर्च की आवक पर नयी ढ़ब्बी 72,000-73,300, ढ़ब्बी बेस्ट 62,000-66,000, केडीएल डीलक्स 50,000-53,000, बढिया केडीएल 45,000-48,000 रुपये, 2043 किस्म 29,000-35,000 रुपये, 5531 किस्म 20,000-26,000, डीडी 23,000-27,000 रुपये, केडीएल मीडियम 26,000-30,000, केडीएल मीडियम बेस्ट 33,000-38,000, केडीएल फटकी 9500-11,000 रुपये, 5531 फटकी 9500-12,000 रुपये, 5531 लालकट 15,000-17,000 रुपये तथा 40 से 42 हजार बोरी शीतगृहों के माल की आवक में 20 से 22 हजार बोरी की बिक्री हुई, जिसमें 2043 डीलक्स 39,500 रुपये, बेस्ट क्वालिटी 27,000-34,000 रुपये, मीडियम बेस्ट 22,000-23,000 रुपये, केडीएल बेस्ट 38,000-41,000 रुपये प्रति क्विंटल के मूल्य पर व्यापार हुआ। हुबली में बुधवार के दिन 7 से 8 हजार बोरी नये माल की आवक पर ढब्बी डिलक्स 66,000-72,000, केडीएल डिलक्स 51,000-55,000, बढिया केडीएल 48,000-50,500 रुपये, 5531 किस्म 22,000-25,000 रुपये, 2043 किस्म 35,000-40,000, लालकट केडीएल 38,000-46,000, मीडियम केडीएल 22,000-32,000, केडीएल फटकी 8500-14,000 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। मध्यप्रदेश के बेड़िया मार्केट में 7 से 8 हजार बोरी, धामनोद में 2000-2500 बोरी की आवक पर माही डंडीकट 19,000-19,500, डंडीदार 16,000-16,500, डंडीकट फटकी 12,500-13,000 रुपये तथा मीडियम लालकट 9500-10,000 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ।
Updated On: February 2, 2026, 7:17 amहैदराबाद : देश के प्रमुख धनिया उत्पादक राज्य गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान में फसल कटाई का कार्य प्रारंभ हो गया है और तीनों राज्यों की सभी मंडियों में मिलाकर केवल 8 से 10 हजार बोरी की आवक हो रही है और आवक बढने के लिये लगभग दो सप्ताह का समय बाकी है तथा घरेलू बाजार में पिसाई कारखानेदारों की आवश्वकता के अनुसार खरीदी के कारण हाजिर तथा वायदा मूल्यों में मजबूती का रूख रहा। गुजरात कृषि विभाग के अनुसार वर्तमान रबी सीजन के लिये 27 जनवरी तक राज्य में धनिया की बुवाई 1 लाख 30 हजार 731 हेक्टर के मुकाबले 1 लाख 26 हजार 112 हेक्टर पर हुई है। एनसीडीईएक्स पर सोमवार के दिन धनिया का अप्रैल वायदा 11,450 रुपये खुलने के बाद शुक्रवार तक 220 रुपये बढकर 11,670 रुपये और मई वायदा 508 रुपये बढकर 11,808 रुपये पर बंद हुआ। गुजरात के जामनगर में मंगलवार व बुधवार मिलाकर 55 बोरी नये माल की आवक पर 9550 रुपये, हलवड़ में शुक्रवार के दिन 15 बोरी नये माल की आवक पर 9000 रुपये एवं गोंडल में साप्ताहिक 6 से 7 हजार बोरी नये धनिया की आवक पर नमी वाला माल 4000-5000, सूखा माल 5500-7500 रुपये तथा 3 से 4 हजार बोरी पुराने माल की आवक पर बादामी 9200-9500, ईगल 9600-9800, स्कूटर 9800-10,400 रुपये एवं राजकोट में 2 हजार बोरी नये माल की आवक पर नमी वाला माल 6750-7500, मीडियम नमी वाला 7750-7900 रुपये और 800 से 1000 बोरी पुराने माल की आवक पर एवरेज 8250-8750, बादामी 8875-9250,ईगल 9375-9625,स्कूटर 9750-10,250 रूपये, जुनागढ में मशीन क्लीन ईगल 10,600, स्कूटर 11,200 रुपये प्रति क्विंटल के मूल्य पर व्यापार हुआ।राजस्थान के रामगंजमंडी में साप्ताहिक 7 से 8 हजार बोरी पुराने माल की आवक पर बादामी 9700-9800, ईगल 9900-10,000, स्कूटर 10,200-10,300 रुपये, बारन में 3 से 4 हजार बोरी की आवक पर बादामी 9500-9800, ईगल 9800-10,200 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। मध्यप्रदेश के नीमच में मंगलवार व बुधवार मिलाकर 300 बोरी नये धनिये की आवक पर 7500 रुपये तथा साप्ताहिक 3 से 4 हजार बोरी पुराने धनिये की आवक पर बादामी 9300-9800, ईगल 9800-10,100, स्कूटर 10,200-10,500 रुपये, गुना में 4 से 5 हजार बोरी, कुंभराज में 2 हजार बोरी की आवक पर बादामी 9500-9700, ईगल 9800-10,100, स्कूटर 10,200-10,700 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ।
Updated On: February 2, 2026, 7:16 amहैदराबाद ः जानकार सूत्रों के अनुसार म्यांमार में नये फसल की कटाई प्रारंभ हो गई है और 15 फरवरी के बाद आवक बढने की संभावना है तथा अनुमान है, कि इस वर्ष म्यांमार में उत्पादन पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 20 से 25 प्रतिशत कम होने का अनुमान है और वर्तमान में पुराने माल का स्टॉक केवल 10 से 15 प्रतिशत के आसपास बचा हुआ है, जिसकी सप्लाई जारी है, लेकिन भारत में कमजोर उत्पादन के कारण मूल्यों में वृद्धि से म्यांमार की सप्लाई लगातार जारी रहेगी, लेकिन डालर के मुकाबले रुपया कमजोर होकर 92 रुपये तक पहुंचने से अनुमान है, कि वर्तमान वर्ष 2026 अगस्त-सितंबर तक घरेलू मूल्य बढकर 9500-10,000 रुपये तक पहुँचने की संभावना से कर्नाटक में नये माल की आवक प्रारंभ होते ही स्टॉकिस्टों की खरीदी और नई तुवर दाल के लिये उपभोक्ताओं की मांग के मुकाबले सप्लाई में कमी से महाराष्ट्र की मंडियों में मूल्य बढकर 8400-8800 रुपये पहुँचने के बाद आंध्र के कर्नूल,अनंतपूर एवं महाराष्ट्र के अकोला,खामगांव लाईनों में आवक बढने से मूल्यों में दुबारा गिरावट हुई है। व्यापारिक सूत्रों के अनुसार देश में तुवर की घरेलू खपत लगभग 45 लाख टन के आसपास है और उत्पादन 32 से 35 लाख टन होने की संभावना है, क्योंकि पिछले वर्ष मूल्यों में भारी गिरावट से बुवाई में कमी और कर्नाटक तथा महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों में फसल कटाई से पूर्व भारी वर्षा होने से प्रथम बुवाई वाले क्षेत्रों में फसल को नूकसान भी हुआ है।आफ्रिकी देश मोजांबिक, तंजानिया, केनिया के उत्पादों को पिछले सीजन में मूल्य कम प्राप्त होने से इस वर्ष की बुवाई पर प्रभाव पड़ने का अनुमान है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में लेमन तुवर का निर्यात मूल्य 940 डालर प्रति टन सी एंड एफ पर प्रस्तावित किये जाने से पिछले सप्ताह मुंबई में लेमन 8000 रुपये, मटवारा 6550-6600 रुपये तथा मोजांबिक की गजरी 6750-6800 रुपये तथा चेन्नई में म्यानमार की नई लेमन 7950 रुपये, महाराष्ट्र की तुवर मोटर बिल्टी 8400-8500 रुपये तथा कटनी डिलेवरी 8800-8900 रुपये और कटनी में तुवर दाल फटका 12,500-12,600, सव्वा नम्बर 11,500-11,600 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। आंध्र के कर्नूल मंडी में प्रतिदिन 10 से 12 हजार बोरी और आसपास की मंडियों में 7 से 8 हजार बोरी की आवक पर हैदराबाद डिलेवरी 8450-8500 रुपये और कर्नाटक का माल 8500-8600 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। पिछले सप्ताह महाराष्ट्र,कर्नाटक का माल नागपूर डिलेवरी 8600-8650 रुपये और नागपूर में फटका 12,600-12,800, सव्वा नं 11,600-11,800 रुपये तथा लातूर में 10 हजार कट्टे की आवक पर 8500-8800 रुपये क्वालिटी के अनुसार व्यापार हुआ। महाराष्ट्र के सोलापुर लाईन की 2-3 प्रतिशत मशीन कटिंग और 4 प्रतिशत हरे दाने वाले माल चेन्नई डिलेवरी 9100 रुपये, लातुर लाईन का ग्राविटी क्लीन 9600 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। सोलापुर में पिछले सप्ताह 55 से 60 मोटर नये गुलाबी तुवर की आवक पर 7500-8700 रुपये, मारुति 3-4 मोटर की आवक पर 7300-7850 रुपये, जीआरजी 3 मोटर की आवक पर 8111 रुपये तथा 4-5 मोटर पुराने तुवर की आवक पर गुलाबी 8100 रुपये, जीआरजी 6700-8200 रुपये प्रति क्विंटल के मूल्य पर व्यापार हुआ। लातुर में प्रतिदिन पुरानी और नई मिलाकर 8-10 हजार बोरी की आवक पर 63 नंबर एवं मारुति 8500-8800 रुपये, सफेद 8500-8600 रुपये, गुलाबी 8500 रुपये तथा अकोला में प्रतिदिन 7-8 हजार बोरी की आवक हो रही है, जिसमें नई तुवर की 7-8 हजार बोरी की आवक पर मारुति लोकल में 8600 रुपये एवं पुरानी मारुति 8400 रुपये तथा अमरावती में 8000-8500 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। गुजरात के उत्पादक केंद्रों पर नये तुवर की आवक बढकर जूनगाढ में शनिवार को 10 से 12 हजार बोरी की आवक पर 7000-8750 रुपये, गोंडल में 4 से 5 हजार बोरी की आवक पर 6500-8200 रुपये तथा राजकोट में 7 से 8 हजार बोरी की आवक पर 6500-7500 रुपये, दाहोद में नई लाल तुवर 6400-6800 रुपये, पुरानी 5800-6000 रुपये, सफेद नई 7000-7300 रुपये और पुरानी 5300-5400 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। तेलंगाना के खंमम में 8300 रुपये, पुरानी 7800 रुपये, सॉर्टेक्स 12200 रुपये तथा आंध्र के विनुकोंडा में नई तुवर 8300 रुपये, सॉर्टेक्स 11600 रुपये, माचर्ला में पोदिली लाइन की पुरानी 8000 रुपये, सुखा माल 12100 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ है। तमिलनाडु के विरुद्धनगर, सेलम लाईन डिलेवरी कर्नाटक की लाल तुवर 9000 रुपये, सफेद 9100 रुपये तथा महाराष्ट्र, कर्नाटक लाईन का माल कटनी, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर लाईन डिलेवरी 8700-9000 रुपये तथा इंदौर डिलेवरी 6500-7600 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ।
Updated On: February 2, 2026, 7:15 amहैदराबाद : व्यापारिक सूत्रों के अनुसार वर्तमान वर्ष रबी सीजन के लिये तमिलनाडु के उत्पादन में 10 से 15 प्रतिशत कमी का अनुमान लगाया जा रहा है, लेकिन महाराष्ट्र के वर्धा, हिंगनघाट, यवतमाल, अमरावती, कारंजा लाईन में तिल की बुवाई पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक हुई है, इसके अतिरिक्त सीमा पर स्थित तेलंगाना के अदिलाबाद लाईन में बुवाई और मौसम की स्थिति को देखते हुए उत्पादन में वृद्धि का अनुमान लगाया जा रहा है और नये माल की आवक मार्च अंतिम सप्ताह से प्रारंभ हो सकती है और इन लाईनों में सफेद तिल का उत्पादन अधिक हो रहा है। आंध्र प्रदेश के कर्नूल से कड़पा और चित्तूर जिले तक तिल की बुवाई में वृद्धि हुई है तथा कड़पा, बदवेल लाईन में नये माल की आवक के साथ लगभग 30 हजार बोरी उत्पादन होने का अनुमान है तथा वर्तमान में लोकल मंडी में सफेद माल 10,800 रुपये, लाल किस्म 9000-9500, ओंगोल में 9800 रुपये प्रति क्विंटल तथा तमिलनाडु डिलेवरी लाल माल प्रति 75 किलो बोरी 7600 रुपये के मूल्य पर क्वालिटी के अनुसार व्यापार हुआ। आंध्र के नये तिल में प्रति 75 किलो बोरी 33 से 34 किलो तेल का उतारा आ रहा है और समर्थन मूल्यों के मुकाबले मूल्य अधिक रहने से रबी और ग्रीष्मकालीन तिल उत्पादनक्षेत्र में वृद्धि हो रही है और आगामी मार्च अंतिम सप्ताह से आंध्र के रायलसीमा तेलंगाना के अदिलाबाद, निजामाबाद और तमिलनाडु के मुत्तूर, शिवगिरी, विल्लुपुरम् लाईन में आवक प्रारंभ हो जायेगी, जिससे तेजी की संभावना नजर नहीं आ रही है। पश्चिम बंगाल में लाल तिल की बुवाई आगामी एक सप्ताह के बाद प्रारंभ होने का अनुमान है और नये माल की आवक मई मध्य से प्रारंभ होकर अगस्त तक सप्लाई जारी रहेगी, इसी प्रकार पूर्वी आंध्र के विजयनगरम, श्रीकाकुलम् चीपुरुपल्ली लाईन में आवक प्रारंभ हो सकती है।गुजरात की सभी मंडियों में मिलाकर दैनिक 8 से 10 हजार बोरी की आवक पर राजकोट में सेफद हल्लिंग क्वालिटी 9150-9500 रुपये, 98.2 प्रतिशत का 9100-9400 रुपये, 99.1 प्रतिशत का 10,000-10,250 रुपये रुपये तथा 3000 से 3500 बोरी नया काला तिल की आवक पर जेड़ ब्लैक 23,000-24,375, एवरेज 16,000-22,750 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ।ग्वालियर, कानपुर में हल्लिंग क्वालिटी का 10,000-10,300 रुपये, 99.1 किस्म 11,300 रुपये, 99.97 क्वालिटी मुंद्रा, मुंबई डिलेवरी 12,800-13,100 रुपये, 99.98 किस्म 12,900-13,200 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। पश्चिम बंगाल का 3 प्रतिशत एफ.एफ कंडीशन 7800-7900 रुपये तथा 2 प्र. एफ.एफ. कंडीशन 8500, अनक्लीन 6500 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। आंध्र के नरसारावपेट में नया लाल तिल 9300-9500, ओंगोल में 9800 रुपये तथा बद्वेल, कड़पा, राजमपेट, दुव्वुरु, मैदुकुरू लाईन में 4 से 5 मोटर तिल की आवक पर लोकल में सफेद माल 10,800, ईरोड़ डिलेवरी 75 किलो बोरी जीएसटी सहित 8400-8500 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ।
Updated On: February 2, 2026, 7:13 amहैदराबाद : व्यापारिक सूत्रों के अनुसार भारत के इतिहास में पहली बार किसानों द्वारा उत्पादित मूंगफली का मूल्य बढ़कर 7000 से 10,300 रुपये तक पहुंच गया है। सूत्रों के अनुसार कर्नाटक के यादगीर, रायचूर और तेलंगाना के महबूबनगर, नारायणपेट, अच्चमपेट, जडचर्ला, नागर कर्नूल, कल्वकुर्ती लाईनों की मंडियोें में मिलाकर प्रतिदिन लगभग 1 लाख बोरी से अधिक की आवक के साथ यादगीर मंडी में 12 हजार बोरी मूंगफली की आवक पर 8300-10,300 रुपये, वनपर्ती में 20 हजार बोरी तथा महबूबनगर में 15 हजार बोरी की आवक पर 8000 से 13,000 रुपये प्रति क्विंटल के मूल्य पर व्यापार हुआ। सूत्रों के अनुसार तेलंगाना के उत्पादक मंडियों से मूंगफली दाना 50-60 और 60-65 काउंट का 17,000-18,000 रुपये, 60-70 काउंट 15,500-15,700 रुपये, 70-80 तथा 80-90 काउंट का 14,000-14,800 रुपये प्रति क्विंटल के मूल्य पर व्यापार होकर हैदराबाद, निजामाबाद, विजयवाड़ा और चेन्नई लाईन के लिये लदान हो रहा है। जानकार सूत्रों के अनुसार गुजरात में राज्य सरकार द्वारा पिछले वर्ष तथा इस वर्ष खरीदे गये माल की बिक्री नहीं की जा रही है एवम् रबी सीजन के लिये बुवाई में कमी तथा महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रोंं में किसान मूंगफली के बजाय तिल उत्पादन के लिये आकर्षित हो रहे है एवम् दक्षिणी आंध्र कर्नाटक और तमिलनाडु में खरीफ सीजन के माल का स्टॉक निचले स्तर पर पहुंच गया और वर्तमान में मूल्यों की स्थिति को देखते हुए ग्रीष्मकालीन सीजन बुवाई के लिये मूंगफली बीज की भारी मांग निकल रही है, क्योंकि इस वर्ष अधिक वर्षा होने से तालाबों, नेहरों, कुओं में पानी की अच्छी उपलब्धता और भूमी में अतिरिक्त नमी से कुछ राज्यों के किसान बुवाई के लिये आकर्षित हो रहे है। एक रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र तथा पूर्वी आंध्र के किराणा व्यापारियों की आंध्र, तेलंगाना और कर्नाटक से मूंगफली दाना खरीदी के लिये भारी मांग निकल रहे है, जिससे मूल्यों में अधिक कमी नहीं आयेगी। वर्तमान सीजन मे 23 जनवरी तक देश में मूंगफली की 3 लाख 37 हजार हेक्टर के मुकाबले 3 लाख 52 हजार हेक्टर पर हुई है। आंध्र के कर्नूल, एम्मिगनूर, आदोनी में पिछले सप्ताह 25 से 30 हजार बोरी नये माल की आवक पर 8000-13,500 रुपये तथा मूंगफली दाना मुंबई डिलेवरी 80-90 काउंट 16,500 रुपये, 70-80 काउंट 17,000 रुपये, 60-65 काउंट 17,900 रुपये, 50-60 काउंट 18,200-18,300 रुपये एवम् कल्याणी लोकल में 13,200-13,300, हैदराबाद डिलेवरी 13,500 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। गुजरात में जी-20 क्वालिटी 7750-8050, मीडियम 7600-7750, एवरेज 7250-7500 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। तेलंगाना का मूंगफली दाना हैदराबाद डिलेवरी 140-160 काउंट नया 12,500 रुपये, 80-90 काउंट 700 रुपये घटकर 14,800 रुपये, 70-80 काउंट का 400 रुपये घटकर 15,400 रुपये, 60-70 काउंट 500 रुपये घटकर 15,700 रुपये, 60-65 काउंट 400 रुपये घटकर 16,000 रुपये प्रति क्विंटल के मूल्य पर व्यापार हुआ।इस समय मुंबई में आंध्र का जावा 60-65 काउंट मूंगफली दाना 15,000-15,500, कर्नाटक 80-90 काउंट 14,000-14,500, गुजरात के हिम्मतनगर का बीजे क्वालिटी 60-65 काउंट 13,500-14,000 रुपये, 90-100 काउंट 12,000-12,500 रुपये, जाड़ा राजस्थान का 40-50 काउंट 11,700-11,900, जीजे-20 किस्म 11,400-11,600 रुपये के मूल् पर व्यापार हुआ। कर्नाटक के चेल्लाकेरे में एक्सपोर्ट क्वालिटी का माल 500 से 1000 रुपये घटकर एचपीएस मूंगफली दाना 80-90 काउंट 15,000-15,100 रुपये, 70-80 काउंट 15,500-15,600 रुपये 100-130 काउंट 13,000-13,100, कल्याणी 11,000-11,100 रुपये मूल्य पर व्यापार हुआ। गुजरात के हिम्मतनगर में नंबर-24 किस्म 60-65 काउंट 13,400-13,500 रुपये, 90-100 काउंट 12,000-12,100 रुपये, 39 बोल्ड किस्म 35-40 काउंट 11,400-11,500 रुपये, 40-50 काउंट 11,200-11,300 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। मुंद्रा बंदरगाह पर एचपीएस मूंगफली दाना में 200 रुपये बढ़कर 50-60 काउंट बोल्ड 11,200 रुपये, 40-50 काउंट 11,400 रुपये, 38-42 काउंट 11,600 रुपये तथा राजस्थान का बोल्ड 50-60 काउंट 11,400 रुपये, 40-50 काउंट 11, 600 रुपये, 38-42 काउंट 11,800 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ।
Updated On: February 2, 2026, 7:13 amहल्दी में कमजोर ग्राहकी हैदराबाद : पिछले दो सप्ताहो से बुवाई की स्थिती को देखते हुए मसाला पिसाई कारखानेदारो की कमजोर खरीदी और वायदा मूल्यो में कमी आने से मंदी का रुख रहा, जबकी व्यापारियो का अनुमान हैकि देश में अनुमानित हल्दी का स्टॉक 50-60 लाख बोरी के आसपास है और नया सीजन प्रारंभ होने के लिये लगभग 7 महीने का समय बाकी है तथा मासिक खपत 6-7 लाख बोरी से कम नही है, ऐसी स्थिति में नया सीजन प्रारंभ के समय माल की कमी रहेगी, लेकिन वर्तमान में बुवाई की स्थिति के कारण मंदी का रुख रहा। एनसीडीईएक्स पर पिछले सोमवार के दिन अगस्त वायदा 14,198 रुपये खुलने के बाद शुक्रवार तक 790 रुपये घटकर 13,408 रुपये, अक्टूबर वायदा 730 घटकर 13,740 रुपये पर बंद हुआ। निजामाबाद में पिछले सप्ताह लगभग 9 से 10 हजार बोरी की आवक पर मूल्यों में 100 से 200 रुपये की गिरावट होकर काडी 13,000-13,800,पॉलीश काड़ी 14,200-14,300, गड्डा 11,800-12,200, पालीश गट्ठा 13,400-13,500 रुपये और केसमुद्रम में काड़ी 10,700-11,200, गट्ठा 10,000-11,350 रुपये तथा दुग्गिराला में प्रतिदिन 250 से 300 बोरी की आवक पर मीडियम काड़ी एवं गट्ठा 9000-10,000 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। पिछले सप्ताह महाराष्ट्र के हिंगोली में 20 से 22 हजार बोरी की बिक्री पर काड़ी 11,500-12,500, गट्ठा 11,000-11,800 रुपये, नांदेड़ में 10 से 15 हजार बोरी की आवक पर काड़ी 11,800-12,200, गट्ठा 10,500-11,700 रुपये तथा सांगली में 5 से 6 हजार बोरी की आवक पर राजापुरी काड़ी 13,500-14,000, गट्ठा 12,500-13,000, लगड़ी 16,000 -16,500 रुपये तथा बसमतनगर में 5 से 6 हजार बोरी की आवक पर काड़ी 12,000-13,000, गट्ठा 11,500-12,000 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। तमिलनाडु के ईरोड़ में एक सप्ताह में 12 से 15 हजार बोरी की आवक पर काड़ी 9055-12,200, गट्ठा 7866-12,854, पेरुंदुरै में शुक्रवार के दिन 1000 बोरी की आवक पर काड़ी 9055-13,289, गट्ठा 7299-12,609, गोपीचेट्टीपालयम में 400 से 500 बोरी की आवक पर काड़ी 12,303 12,902, गट्टा 11,600 -12,242 रुपये तथा बरहमपुर में काड़ी 11,800, पालीश काड़ी 12,200 रुपये के मूल्य पर कलिटी के अनुसार व्यापार हुआ।
Updated On: July 7, 2025, 5:54 amनये मेथी की आवक मे वृद्धि जावरा : जानकार सूत्रो के अनुसार गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश में होली त्यौंहार के बाद फसल कटाई का काम तेजी से प्रारंभ हुआ है, लेकिन मूल्य कम रहने से माल की बिक्री धीमी गति से कर रहे है, इसके बावजूद तीनों राज्यो में मिलाकर एक सप्ताह में अनुमानित 45 हजार बोरी से अधिक आवक हुई और किराणा व्यापारियो की खरीदी प्रारंभ हो गई है, लेकिन 15 अप्रैल से आवक अधिक होने की संभावना रहेगी। व्यापारिक सूत्रों के अनुसार नीमच में पिछले सप्ताह 6 से 7 हजार, जावरा में 14 से 15 हजार, मंदसोर में 6 से 7 हजार बोरी एवम् गुजरात में 8 से 10 हजार और राजस्थान में 2 से 3 हजार बोरी की आवक पर नमी वाला 4100-4300, मीडियम 5000-5200, बढ़िया माल 6000-6200, मोटा दाना 6800-7200 रुपये तथा पुराना माल 4800-6200 रुपये एवं जावरा में नया बढ़िया फाफड़ा किस्म 9000-9500, मीडियम 8000-8500 रुपये और राजकोट में एवरेज 4400-5100, मीडियम बेस्ट 5150-5500, बढ़िया माल 5600-6100 रुपये एवं राजस्थान के रामगंजमंडी, कोटा, नोखा लाईनों में नमी वाला माल 4200-4500, सूखा माल 4800-5200 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ।
Updated On: March 25, 2025, 6:32 amवियतनाम कालीमिर्च में मजबूती हनोई : अंतर्राष्ट्रीय कालीमिर्च संगठन (आईपीसी) के अनुसार इंडोनेशियाई कालीमिर्च के मूल्यों में मामूली गिरावट होकर लैमपंग कालीमिर्च का मूल्य 14 डालर घटकर 7251 डालर और मुंटोक सफेद कालीमिर्च का मूल्य 18 डालर घटकर 10010 डालर प्रति टन हो गया, जबकी मलेशिया की कालीमिर्च का मूल्य स्थिर होकर 9000 डालर और सफेद कालीमिर्च 11600 डालर प्रति टन ऑफर किया गया है, लेकिन ब्राजील में कालीमिर्च का मूल्य 200 डालर बढकर 6700 डालर प्रति टन हो गया है, जिसके मुकाबले वियतनाम कालीमिर्च का निर्यात मूल्य 6500 डालर और सफेद कालीमिर्च का 9550 डालर प्रति टन पर व्यापार हो रहा है। वियतनाम के गिया लाई प्रांत में 4500 वीएनडी बढकर 162,500 वीएनडी (6.36 डालर) और बाय-रिया वुंग तौ और डकनोंग प्रांत में 3000 वीएनडी बढकर 1,61,000 (6.30 डालर) और 16300 (6.34 डालर) प्रति किलो हो गया। वियतनाम कालीमिर्च और मसाला संघ की रिपोर्ट के अनुसार लुनर नव वर्ष के बाद चीन और अमेरिका की मांग बढ़ने से वियतनाम के घरेलू कालीमिर्च का मूल्य 3000 - 4500 वीएनडी (वियतनामी डांग) (0.12-0.18 डालर) बढकर 164000 वीएनडी (6.41 डालर ) प्रति किलो हो गया। विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और चीन जैसे प्रमुख बाजारों के लिये मांग में 10-15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है,लेकिन वियतनाम के कस्टम विभाग के आंकड़ा के अनुसार 1-15 जनवरी के दौरान वियतनाम ने 7313 टन कालीमिर्च निर्यात किया, जो एक वर्ष पूर्व के इसी समान अवधि के मुकाबले मात्रा के आधार पर 3 प्रतिशत कम हुआ है। निर्यातकों की रिपोर्ट के अनुसार चीन के लिये वियतनामी कालीमिर्च की मांग बढ रही है, विशेषकर प्रोसेसिंग करके भारत को दुबारा निर्यात करने वाले खरीदी दारो की खरीदी हो रही हैं तथा अमेरिका और यूरोपीय संघ के लिये अच्छी मांग है, जिससे वियतनामी घरेलू मूल्यों को समर्थन मिल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार कुछ भागों में कम उत्पादन और वैश्विक स्तर पर मांग स्थिर रहने से वर्ष, 2025 में कालीमिर्च का मूल्य सामान्य रहने का अनुमान है।
Updated On: February 17, 2025, 7:30 am