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उत्पादन में कमी से मेथी स्टॉकिस्ट मैदान में ?

हैदराबाद : व्यापारिक सूत्रों के अनुसार देश के प्रमुख मेथी उत्पादक राज्य मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात में पिछले वर्ष मूल्यों में कमी के कारण बुवाई में कमी हुई है, लेकिन अनुकूल मौसम से माल की क्वालिटी अच्छी आ रही है और तीनों ही राज्यों की सभी मंडियों में मिलाकर साप्ताहिक लगभग 50 से 55 हजार बोरी की आवक पर लोकल मंडियों में 5100-6500 रुपये प्रति क्विंटल वालिटी के अनुसार व्यापार हो रहा है तथा वर्तमान में घरेलू किराणा व्यापारियों की खरीदी के साथ स्टॉकिस्टों की खरीदी से पिछले सप्ताह 50 से 100 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है। पिछले सप्ताह गुजरात के राजकोट में 18 से 20 हजार बोरी मेथी की आवक पर एवरेज 5100-5750, सेमी किराणा 5800-6000, किराणा क्वालिटी 6050-6550 रुपये एवं राजस्थान के जोधपूर, बिकानेर, नोखा, कोटा, बारन, जयपूर लाईन की सभी मंडियो में मिलाकर 7-8 हजार बोरी की आवक पर लोकल मंडीयों में 5050-5375, बढिया माल 5400-5700 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। मध्यप्रदेश के नीमच मंडी में 4 से 5 हजार बोरी नये मेथी की आवक पर बढ़िया माल 5800-5900 रुपये, एवरेज 5600-5700 रुपये तथा 1800 से 2000 बोरी पुराने माल की बिक्री पर बेस्ट माल 5200-5300, एवरेज 5400-5500 रुपये एवम् मंदसोर में 800 से 1000 बोरी नये माल की आवक पर एवरेज 5050-5350, बढ़िया माल 5350-5650 तथा 1000-1200 बोरी पुराने माल की बिक्री पर हरा माल 5050-5250, एवरेज 5250-5350, बढ़िया माल 5450-5550, बोल्ड किस्म 5850-6350 रुपये एवं जावरा, रतलाम लाईन में प्रति दिन 1000-1500 बोरी नये माल की आवक पर बढ़िया बारिक मेथी 5900

Updated On: March 16, 2026, 1:52 pm
हल्दी में कमजोर ग्राहकी

हल्दी में कमजोर ग्राहकी हैदराबाद : पिछले दो सप्ताहो से बुवाई की स्थिती को देखते हुए मसाला पिसाई कारखानेदारो की कमजोर खरीदी और वायदा मूल्यो में कमी आने से मंदी का रुख रहा, जबकी व्यापारियो का अनुमान हैकि देश में अनुमानित हल्दी का स्टॉक 50-60 लाख बोरी के आसपास है और नया सीजन प्रारंभ होने के लिये लगभग 7 महीने का समय बाकी है तथा मासिक खपत 6-7 लाख बोरी से कम नही है, ऐसी स्थिति में नया सीजन प्रारंभ के समय माल की कमी रहेगी, लेकिन वर्तमान में बुवाई की स्थिति के कारण मंदी का रुख रहा। एनसीडीईएक्स पर पिछले सोमवार के दिन अगस्त वायदा 14,198 रुपये खुलने के बाद शुक्रवार तक 790 रुपये घटकर 13,408 रुपये, अक्टूबर वायदा 730 घटकर 13,740 रुपये पर बंद हुआ। निजामाबाद में पिछले सप्ताह लगभग 9 से 10 हजार बोरी की आवक पर मूल्यों में 100 से 200 रुपये की गिरावट होकर काडी 13,000-13,800,पॉलीश काड़ी 14,200-14,300, गड्डा 11,800-12,200, पालीश गट्ठा 13,400-13,500 रुपये और केसमुद्रम में काड़ी 10,700-11,200, गट्ठा 10,000-11,350 रुपये तथा दुग्गिराला में प्रतिदिन 250 से 300 बोरी की आवक पर मीडियम काड़ी एवं गट्ठा 9000-10,000 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। पिछले सप्ताह महाराष्ट्र के हिंगोली में 20 से 22 हजार बोरी की बिक्री पर काड़ी 11,500-12,500, गट्ठा 11,000-11,800 रुपये, नांदेड़ में 10 से 15 हजार बोरी की आवक पर काड़ी 11,800-12,200, गट्ठा 10,500-11,700 रुपये तथा सांगली में 5 से 6 हजार बोरी की आवक पर राजापुरी काड़ी 13,500-14,000, गट्ठा 12,500-13,000, लगड़ी 16,000 -16,500 रुपये तथा बसमतनगर में 5 से 6 हजार बोरी की आवक पर काड़ी 12,000-13,000, गट्ठा 11,500-12,000 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। तमिलनाडु के ईरोड़ में एक सप्ताह में 12 से 15 हजार बोरी की आवक पर काड़ी 9055-12,200, गट्ठा 7866-12,854, पेरुंदुरै में शुक्रवार के दिन 1000 बोरी की आवक पर काड़ी 9055-13,289, गट्ठा 7299-12,609, गोपीचेट्टीपालयम में 400 से 500 बोरी की आवक पर काड़ी 12,303 12,902, गट्टा 11,600 -12,242 रुपये तथा बरहमपुर में काड़ी 11,800, पालीश काड़ी 12,200 रुपये के मूल्य पर कलिटी के अनुसार व्यापार हुआ।

Updated On: July 7, 2025, 5:54 am
नये मेथी की आवक मे वृद्धि

नये मेथी की आवक मे वृद्धि जावरा : जानकार सूत्रो के अनुसार गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश में होली त्यौंहार के बाद फसल कटाई का काम तेजी से प्रारंभ हुआ है, लेकिन मूल्य कम रहने से माल की बिक्री धीमी गति से कर रहे है, इसके बावजूद तीनों राज्यो में मिलाकर एक सप्ताह में अनुमानित 45 हजार बोरी से अधिक आवक हुई और किराणा व्यापारियो की खरीदी प्रारंभ हो गई है, लेकिन 15 अप्रैल से आवक अधिक होने की संभावना रहेगी। व्यापारिक सूत्रों के अनुसार नीमच में पिछले सप्ताह 6 से 7 हजार, जावरा में 14 से 15 हजार, मंदसोर में 6 से 7 हजार बोरी एवम् गुजरात में 8 से 10 हजार और राजस्थान में 2 से 3 हजार बोरी की आवक पर नमी वाला 4100-4300, मीडियम 5000-5200, बढ़िया माल 6000-6200, मोटा दाना 6800-7200 रुपये तथा पुराना माल 4800-6200 रुपये एवं जावरा में नया बढ़िया फाफड़ा किस्म 9000-9500, मीडियम 8000-8500 रुपये और राजकोट में एवरेज 4400-5100, मीडियम बेस्ट 5150-5500, बढ़िया माल 5600-6100 रुपये एवं राजस्थान के रामगंजमंडी, कोटा, नोखा लाईनों में नमी वाला माल 4200-4500, सूखा माल 4800-5200 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ।

Updated On: March 25, 2025, 6:32 am
वियतनाम कालीमिर्च में मजबूती

वियतनाम कालीमिर्च में मजबूती हनोई : अंतर्राष्ट्रीय कालीमिर्च संगठन (आईपीसी) के अनुसार इंडोनेशियाई कालीमिर्च के मूल्यों में मामूली गिरावट होकर लैमपंग कालीमिर्च का मूल्य 14 डालर घटकर 7251 डालर और मुंटोक सफेद कालीमिर्च का मूल्य 18 डालर घटकर 10010 डालर प्रति टन हो गया, जबकी मलेशिया की कालीमिर्च का मूल्य स्थिर होकर 9000 डालर और सफेद कालीमिर्च 11600 डालर प्रति टन ऑफर किया गया है, लेकिन ब्राजील में कालीमिर्च का मूल्य 200 डालर बढकर 6700 डालर प्रति टन हो गया है, जिसके मुकाबले वियतनाम कालीमिर्च का निर्यात मूल्य 6500 डालर और सफेद कालीमिर्च का 9550 डालर प्रति टन पर व्यापार हो रहा है। वियतनाम के गिया लाई प्रांत में 4500 वीएनडी बढकर 162,500 वीएनडी (6.36 डालर) और बाय-रिया वुंग तौ और डकनोंग प्रांत में 3000 वीएनडी बढकर 1,61,000 (6.30 डालर) और 16300 (6.34 डालर) प्रति किलो हो गया। वियतनाम कालीमिर्च और मसाला संघ की रिपोर्ट के अनुसार लुनर नव वर्ष के बाद चीन और अमेरिका की मांग बढ़ने से वियतनाम के घरेलू कालीमिर्च का मूल्य 3000 - 4500 वीएनडी (वियतनामी डांग) (0.12-0.18 डालर) बढकर 164000 वीएनडी (6.41 डालर ) प्रति किलो हो गया। विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और चीन जैसे प्रमुख बाजारों के लिये मांग में 10-15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है,लेकिन वियतनाम के कस्टम विभाग के आंकड़ा के अनुसार 1-15 जनवरी के दौरान वियतनाम ने 7313 टन कालीमिर्च निर्यात किया, जो एक वर्ष पूर्व के इसी समान अवधि के मुकाबले मात्रा के आधार पर 3 प्रतिशत कम हुआ है। निर्यातकों की रिपोर्ट के अनुसार चीन के लिये वियतनामी कालीमिर्च की मांग बढ रही है, विशेषकर प्रोसेसिंग करके भारत को दुबारा निर्यात करने वाले खरीदी दारो की खरीदी हो रही हैं तथा अमेरिका और यूरोपीय संघ के लिये अच्छी मांग है, जिससे वियतनामी घरेलू मूल्यों को समर्थन मिल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार कुछ भागों में कम उत्पादन और वैश्विक स्तर पर मांग स्थिर रहने से वर्ष, 2025 में कालीमिर्च का मूल्य सामान्य रहने का अनुमान है।

Updated On: February 17, 2025, 7:30 am